पेड़ की बात - Class 6 Hindi (Chapter 13)

 'पेड़ की बात' प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु द्वारा लिखा गया एक ज्ञानवर्धक एवं रोचक लेख है। इसमें लेखक ने एक छोटे से बीज से विशाल वृक्ष बनने की पूरी जीवन-यात्रा को सरल भाषा में समझाया है।

लेखक बताते हैं कि बीज मिट्टी, पानी, हवा और सूर्य के प्रकाश की सहायता से अंकुरित होता है। जड़ मिट्टी से जल और खनिज पदार्थ ग्रहण करती है, जबकि पत्तियाँ सूर्य के प्रकाश की सहायता से भोजन बनाती हैं। पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करके वातावरण को शुद्ध बनाते हैं तथा सभी जीवों के लिए जीवनदायी ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं।

लेख में यह भी बताया गया है कि वृक्ष फूल, फल और बीज बनाकर अपनी अगली पीढ़ी तैयार करते हैं। मधुमक्खियाँ और तितलियाँ परागण में सहायता करती हैं जिससे बीज बनते हैं। अंत में वृक्ष अपनी संतान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर देता है। यह पाठ हमें प्रकृति, वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा निस्वार्थ त्याग का संदेश देता है।


Key Points

लेखक – जगदीशचंद्र बसु।

विधा – ज्ञानवर्धक वैज्ञानिक लेख।

बीज का अंकुरण – मिट्टी, जल, हवा और सूर्य के प्रकाश से होता है।

जड़ का कार्य – मिट्टी से जल एवं खनिज लवण ग्रहण करना।

तने का कार्य – पौधे को सहारा देना तथा जल और भोजन पहुँचाना।

पत्तियों का कार्य – सूर्य के प्रकाश की सहायता से भोजन बनाना।

प्रकाश का महत्व – सूर्य का प्रकाश पौधों के जीवन का मूल आधार है।

वायु शुद्धिकरण – पौधे कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण कर वातावरण को शुद्ध करते हैं।

फूलों का महत्व – फूलों से फल और बीज बनते हैं।

परागण – मधुमक्खियाँ और तितलियाँ पराग-कणों के स्थानांतरण में सहायता करती हैं।

बीज – पौधों की अगली पीढ़ी अर्थात संतान हैं।

मुख्य संदेश – वृक्ष निस्वार्थ भाव से जीवनभर दूसरों का कल्याण करते हैं।

👉 👉वृक्ष निस्वार्थ भाव से हमें भोजन, ऑक्सीजन, छाया, फल, लकड़ी और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। वे बिना किसी अपेक्षा के जीवनभर दूसरों का कल्याण करते हैं। इसलिए हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनकी रक्षा करने तथा प्रकृति का सम्मान करने का संकल्प लेना चाहिए।